बिहार : सब कुछ सेटल करने के बाद इस्तीफा करेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ?

nitish kumar active , will reach simanchal area in north bihar from march-10.

पटना / दिल्ली : वरिष्ठ संवावदाता

Chief Minister Nitish Kumar will leave after setting everything: Nitish kumar will reach simanchal (kishanganj-madhepura-saharsa) area in north bihar from march-10.

बिहार में 20 साल से बने रहे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं। 16 मार्च को चुनाव होना है। बिहार में पांच सीटों में से चार पर NDA की मजबूत पकड़ है, लेकिन पांचवीं सीट पर RJD ने ए.डी. सिंह को उतारा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी जानकर बताते हैं कि सब कुछ सेटल करने के बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा कर सकतें हैं। बिहार में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जानकर बताते हैं कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले नीतीश कुमार , अपनी पार्टी , मुख्यमंत्री पद , बेटे निशांत की भूमिका से लेकर बिहार में बने रहने और केंद्र की राजनीति में बने रहने की शर्तों पर बीजेपी से फाइनल डील करना चाहते हैं। राज्यसभा चुनाव 2026 में 10 राज्यों की 37 सीटों पर मतदान होगा. बिहार में नीतीश कुमार और नितिन नवीन निर्विरोध चुने जाएंगे. मतदान 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक होगा और काउंटिंग उसी दिन शाम 5 बजे होगी. बिहार से जिन पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, प्रेमचंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं. इनमें हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर जनता दल (यूनाइटेड) के, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह राजद के तथा उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रतिनिधि हैं.

अगर सब ठीक रहा तो राज्यसभा चुनाव परिणाम आने के बाद अप्रैल महीने में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा कर सकते हैं। इसी बीच अगर कोई इधर – उधर हुआ तो फिर बिहार में कोई तीसरा मामला सामने आ सकता है।

नीतीश कुमार क्या कर सकते हैं ?

नीतीश कुमार पर उम्र हावी है। उनकी पकड़ अब धीरे – धीरे ढीली पड़ रही है। पार्टी के नेता संजय झा , ललन सिंह , श्रवण कुमार , अशोक चौधरी से लेकर भरोसेमंद ब्यूरोकेट्स नीतीश कुमार से किनारे करके बीजेपी के गाइड बनते लग रहे हैं। नीतीश कुमार के बेहद करीबी की अब चलती नहीं है। घिर चुके नीतीश कुमार अब बेटे को आगे करके अपना अस्तित्व बचाने में जुटे हैं। निशांत को एंट्री कराकर नीतीश ने संकेत दे दिया है कि वो अभी जिन्दा है , पार्टी जिन्दा रहेगी। नीतीश कुमार अब नए सिरे से रणनीति पर काम कर रहे हैं। फ़िलहाल अभी कौन सा रणनीति है, इसके बारे में कुछ सामने नहीं आ रहा है।

विकल्प जो बीजेपी को कर रहा परेशान

बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने में जुटे बीजेपी नेता और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति अभी सफल मानी जा रही है , बिहार के मामले पर अभी भी धुंधला छाया हुआ है। नीतीश कुमानें भले ही राज्यसभा जाने की हां भरी और नॉमिनेशन भी कर दिया है , लेकिन क्या वे मुख्यमंत्री की कुर्सी सचमुच छोड़ देंगें ? ये सवाल अभी बिहार में जनता के मन में शंका है। 4 महीने पहले ही नितीश कुमार 10 वीं वार मुख्यमंत्री पद की शपथ लिया था। अचानक इस्तीफा करने के फैसले ने बिहार को चकित कर रखा है। विपक्ष लालू – तेजश्वी यादव के कहा है कि बीजेपी नीतीश को बिहार से भगा रही है , हम नहीं चाहते हैं कि वे बिहार से जाएँ। तेजश्वी यादव ने कहा कि उनके चाचा नीतीश कुमार अपने फैसले बदलें। राबड़ी देवी ने कहा नीतीश कुमार को महागठबंधन का समर्थन मिलेगा। अगर जरुरत पड़ी तो बीजेपी को भागने के लिए नीतीश को बिना शर्त के समर्थन किया जायेगा। यानि बिहार में अभी क्लामेक्स अभी बांकी है ?

अमित शाह के बाद नीतीश क्यों पहुँच रहे सीमांचल

राज्यसभा चुनाव में अपना नॉमिनेशन करने के बाद नीतीश कुमार फिर से एक्टिव दिख रहे हैं। पटना में कई प्रोजेक्ट का उद्घाटन भी करते हैं , फिर 10 मार्च से समृद्धि यात्रा पर निकल रहे हैं। राज्यसभा चुनाव में अपना नॉमिनेशन करने के बाद नीतीश कुमार फिर से एक्टिव दिख रहे हैं। पटना में कई प्रोजेक्ट का उद्घाटन भी करते हैं , फिर 10 मार्च से समृद्धि यात्रा पर निकल रहे हैं। नीतीश कुमार की यात्रा सीमांचल में होने वाली है , जहाँ पिछले दिनों अमित शाह ने कैंप किया था। बीजेपी नेताओं के साथ मीटिंग किया था। इसी के बाद नीतीश कुमार की इस्तीफा होने और राज्यसभा जाने , बिहार के राज्यपाल बदले का निर्णय हुआ था। नीतीश कुमार कि ये यात्रा क्या कुछ कह रहा है ?

Jetline

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