दिल्ली :
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव होने जा रहा है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, रिहायशी इलाकों से भारतीय सेना को हटाया जाएगा और उनकी जगह सीआरपीएफ को तैनात किया जाएगा.
राष्ट्रीय राइफल्स पहले से इन क्षेत्रों में तैनात थी, अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभाएगी. इस कदम का उद्देश्य रिहायशी क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को और सामान्य बनाना है. साथ ही सीआरपीएफ की विशेषज्ञता का उपयोग आंतरिक सुरक्षा के लिए करना है.
जम्मू-कश्मीर में CRPF की 100 कंपनियां
सूत्रों के मुताबिक सीआरपीएफ की चार बटालियन को जम्मू-कश्मीर भेजा गया है. बताया जा रहा है कि कठुआ और उधमपुर में लगभग दो दर्जन ऐसे स्थान हैं जो पहले सेना के नियंत्रण में थे, अब उन्हें सीआरपीएफ को सौंपा गया है. इससे पहले, 100 कंपनियां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनात की गई थीं, जिससे सुरक्षा ग्रिड को मजबूती मिली. यह कदम क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और स्थानीय लोगों के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

