स्कॉलरशिप योजना में फर्जीवाड़ा करनेवाले आरोपियों के खिलाफ CBI देशभर में अगले सप्ताह बड़ी कार्रवाई करने वाली है. 21 राज्यों से जुड़े फर्जीवाड़े के इस मामले में अगले सप्ताह सीबीआई एक दर्जन से अधिक आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी.
केन्द्रीय जांच एजेंसी (CBI) अल्पसंख्यकों के नाम पर स्कॉलरशिप फर्जीवाड़े मामले में जल्द ही बड़ी कार्रवाई करने जा रही है. अल्पसंख्यक मंत्रालय ने सीबीआई में जो शिकायत दर्ज करवाई है, उसके मुताबिक 144 करोड़ का यह घोटाला 2017 – 2022 के बीच का है और इसके तार 21 राज्यों के 100 जिलों से जुड़े हैं. इस योजना में लगभग 53 प्रतिशत अभ्यर्थी फर्जी मिले हैं. केन्द्र सरकार द्वारा जारी अल्पसंख्यक मंत्रालय के स्कॉलरशिप योजना मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, जैन, आदि धर्म से जुड़े संस्थाओं के नाम पर स्कॉलरशिप दिया जाता है. इस फर्जीवाड़े का जो एफआईआर दर्ज हुआ है, उसके मुताबिक अल्पसंख्यक मंत्रालय ने जिन 1572 इंस्टीट्यूट को स्कॉलरशिप के लिए चुना था, उसमें 830 इंस्टीट्यूट फर्जी थे.
पश्चिम बंगाल में हुआ सबसे अधिक स्कॉलरशिप फर्जीवाड़ा
स्कॉलरशिप फर्जीवाड़ा के तार देश के 21 राज्यों से जुड़े हैं, लेकिन इसमें पश्चिम बंगाल का नाम सबसे ऊपर आता है. पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक फर्जी आवेदन किया गया. असम में 225, उत्तरप्रदेश में 154, कर्नाटक में 162, राजस्थान में 99 फर्जीवाड़ा के मामले सामने आये हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई अगले सप्ताह आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाएगी और इसके लिए आरोपियों को नोटिस भेजा जाएगा.
आपको बता दें कि अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक उत्थान और विकास के अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा स्कॉलरशिप जैसी योजनाएं चलायी जाती हैं, ताकि उनकी शिक्षा का स्तर बेहतर हो, लेकिन इस योजना का लाभ फर्जी संस्थानों ने उठा लिया है. इस योजना में पैसा सीधे छात्र के बैंक खाते में जाती है, लेकिन आवेदक, संस्थान तथा बैंकों के मिलीभगत से इसमें फर्जीवाड़ा कर लिया गया है. आपको बता दें कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 10 जुलाई को सीबीआई में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी.
दिल्ली : डॉ. निशा सिंह


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