पटना : वरिष्ठ संवाददाता
बिहार की नीतीश कुमार की ड्रीम प्रोजेक्ट के सात निश्चयों में शामिल स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में सरकार को बड़ी चपत लगी है।अभी तक मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में 60,722 छात्रों में से मात्र 5,737 छात्रों ने किस्त चुकाई है । बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी Student Credit Card Scheme में बड़ा घपला सामने आया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय (आर्थिक हल, युवाओं को बल) के तहत 2 अक्टूबर 2016 से शुरू हुई ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ (BSCC) योजना में वित्तीय अनियमितता के कारण सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस योजना के तहत 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक का ऋण मिलता है, जिसे अब ब्याजमुक्त कर दिया गया है.
बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (BSCC) की शुरुआत 2 अक्टूबर 2016 को गांधी जयंती के अवसर पर की गई थी। यह योजना नीतीश सरकार के ‘सात निश्चय’ (आर्थिक हल, युवाओं को बल) कार्यक्रम के तहत 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक का ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी।
बिहार सरकार की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना — छात्रों को मिल रहा है ₹4 लाख तक का ब्याज-मुक्त शिक्षा ऋण योजना है।
छात्रों से लोन की वापसी में सरकार गंभीर चुनौतियां सामने आ रही हैं। बिहार सरकार ने इस योजना के तहत लोन लेने वाले युवाओं के लिए ब्याज माफ करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2018 के बाद लोन लेने वाले सभी छात्रों को ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। जिन छात्रों ने पहले ही लोन की किस्त सहित ब्याज चुका दिया है, उन्हें राशि वापस नहीं मिलेगी, लेकिन जो मूलधन शेष है, उस पर अब कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। लोन लेने में फर्जी संस्थान की भूमिका सामने आ रही है। डिफाल्टर संस्थानों ने छात्रों द्वारा सरकार से लोन उठाकर न तो पढ़ाई कराई और न ही डिग्री दी। कई संस्थानों ने महँगी फीस लेकर छात्रों को डिग्री दी है।
राज्य में कुल 3,89,363 युवाओं का ब्याज माफ किया गया है। इसके बावजूद 62,436 युवा अब तक लोन की वापसी शुरू नहीं कर पाए हैं। बिहार राज्य वित्त निगम ने यह जानकारी दी है कि ऐसे सभी डिफॉल्टर युवाओं की सूची जिला स्तर पर निबंधन सह परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) द्वारा तैयार कर ली गई है। जनवरी के अंत तक राज्य के सभी 38 जिलों में इन युवाओं के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
बिहार सरकार की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना राज्य के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। इस योजना के तहत पढ़ाई करने वाले छात्रों को सरकारी लोन दिया जाता है, जिससे वे किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में नामांकन लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देना है, जो अपने परिवार की सीमित आय के कारण महंगी शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकते
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन केवल बिहार के स्थायी निवासियों को दिया जाता है। इसके लिए आवश्यक है कि छात्र ने बिहार से इंटर पास किया हो। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन पढ़ाई में मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर देना है। लोन वापसी की शर्तें भी स्पष्ट हैं।पढ़ाई पूरी करने के एक साल बाद से लोन चुकाना अनिवार्य है। अगर किसी छात्र ने 4 लाख रुपये तक का लोन लिया है, तो उसे 10 साल में मूलधन चुकाना होगा। वहीं, इससे कम राशि लेने वालों के लिए लोन चुकाने की अवधि 7 साल तय की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नियमित रूप से लोन की किस्त चुकाएं और भविष्य में वित्तीय जिम्मेदारी निभाना सीखें।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान छात्र को अपने दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। इसके बाद बैंक और शिक्षा विभाग द्वारा दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया जाता है। लोन स्वीकृत होने पर कार्ड जारी किया जाता है। आवश्यक दस्तावेजों में छात्र और माता-पिता का आधार कार्ड, पैन कार्ड, 10वीं और 12वीं का प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और कॉलेज का फीस स्ट्रक्चर शामिल है।

