दिल्ली /पटना
बिहार में 17 अगस्त से शुरू हो रही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ SIR (सघन मतदाता पुनरीक्षण) विवाद को विधानसभा चुनाव तक जिंदा रखने की कोशिश में कांग्रेस और राजद जुटी है.
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ये यात्रा INDIA ब्लॉक के तहत होने जा रही है. बिहार में SIR को लेकर मतदाताओं को जागरूक करने के लिए राहुल गांधी 17 अगस्त से वोटर अधिकार यात्रा/मतदाता अधिकार यात्रा की शुरुआत करेंगें. राहुल गांधी के साथ इस यात्रा के तेजस्वी और लेफ्ट सहित महागठबंधन के नेता शामिल होंगे. राहुल गांधी ये यात्रा बिहार के सासाराम से शुरू कर रहे हैं.
वोटर अधिकार यात्रा का समापन 1 सितंबर को होगा
ये यात्रा कुल 16 दिन चलेगी जिसमें 1300 किमी की दूरी होगी. यात्रा के दौरान बीच में एक एक दिन कर के कुल 3 दिन का ब्रेक भी होगा. ये ‘वोटर अधिकार यात्रा’ हाइब्रिड मोड में होगी. आपको बता दें कि राहुल गांधी ने पहली भारत जोड़ो यात्रा पैदल की थी जबकि दूसरी यात्रा हाइब्रिड मोड में की थी. यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बड़ी रैली के जरिए होगी जिसमें राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और लालू यादव और इंडिया गठबंधन के सभी बड़े नेताओं को बुलाया जाएगा. 1 सितंबर को इंडिया गठबंधन शक्ति प्रदर्शन करेगा और बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार का ग्रैंड ऐलान करेगा.
राहुल गांधी सघन मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर इंडिया गठबंधन के दलों ने संसद के मानसून सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन और मार्च किया और संसद भी नहीं चलने दी. विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग पर अड़ा है, जबकि सरकार का तर्क है कि चुनाव से एक संवैधानिक और स्वतंत्र संस्था है जिसके कामकाज पर संसद में चर्चा नहीं की जा सकती.
सीट बंटवारे पर भी मंथन होगा
यात्रा के दौरान बिहार में एनडीए के मजबूत गठबंधन से मुकाबले के लिए राहुल गांधी ने SIR की प्रक्रिया के तहत 65 लाख वोटरों के नाम काटे जाने का मुद्दा उठाएंगे और कर्नाटक में कथित वोट चोरी का मुद्दा भी उठाएंगे. SIR का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है जिसमें कोर्ट द्वारा नाम काटे गए मतदाताओं का नाम सार्वजनिक करने और आधार मानने के फैसले से विपक्ष उत्साहित है और पूरी ताकत से बिहार चुनाव में लड़ना चाहती है. बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चुनाव के लिए पटना के स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी कर ली है. पिछली बार विधान सभा चुनाव में कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी जिसमें 19 पर जीत हुई थीं. चुनाव बाद कांग्रेस के लचर स्ट्राइक रेट की वजह से सरकार न बन पाने का आरोप भी आरजेडी ने कांग्रेस पर लगाया था. इस बार भी कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ना चाहती है जबकि आरजेडी उसे 50 से ज्यादा सीटें नहीं देना चाहतीं. चुनाव से पहले कांग्रेस के कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं.
वरिष्ठ नेता, कांग्रेस पवन खेड़ा ने आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राहुल गांधी की कल से बिहार में वोट अधिकार रैली के बार में जानकारी दी है. पवन खेड़ा ने कहा कि कल 17 अगस्त से बिहार के सासाराम से वोट अधिकार की यात्रा शुरू हो रही है. SIR पर कहा कि षड्यंत्र सिर्फ वोट छिनने का नहीं बल्कि हम सबकी पहचान छिनने का था. आज उनका वोट अधिकार छीन लोगे, कल सरकारी योजनाओं से उन्हें दूर किया जायेगा. इस देश के गरीब, आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक वर्ग पर हमला करने की बहुत सोची समझी साजिश थी. इन्होने कहा कि चुनाव अधिकारियों से गुजारिश है, आपकी लंबी नौकरी है, किसी एक राजनीतिक दल के साथ न खड़े हो जिससे आपकी नौकरी खतरे में पड़ जाए, आपकी पीढियां आप पर सवाल उठाने लग जाएं.

