दिल्ली : डॉ निशा सिंह
बिहार विधान सभा चुनाव की तारीख का एलान कर दिया गया है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों का एलान किया। चुनाव आयोग की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य आयुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस करके घोषणा की। बिहार इस बार दो चरणों में चुनाव कराये जायेंगे। पहले चरण में 121 सीटों पर वोटिंग 6 नवंबर को होंगे। जबकि दूसरे चरण में पोलिंग 122 सीटों पर 11 नवंबर को होंगे। मतगणना 14 नवंबर को कराये जायेंगे। इसके बाद बिहार में नयी सरकार का गठन हो जायेगा।
बिहार में इस बार कुल मतदाता संख्या 7.2 करोड़ वोटर हैं। 14 लाख मतदाता पहली बार वोट करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं का संख्या 3.9 करोड़ है। महिला मतदाताओं का आंकड़ा 3.4 करोड़ है। एसआईआर के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या में करीब 41 लाख की कमी आई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बिहार कि कुल 243 में से 40 सीटें सुरक्षित सीटें यानि आरक्षित हैं। पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर होंगें। 14 लाख नए वोटर पहली बार मतदान कर सकेंगें। फेक न्यूज़ पर कड़ी नजर रखी जाएगी। किसी भी तरह का हिंसा बर्दास्त नहीं की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि SIR में दावे और आपत्ति के लिए राजनीतिक दल को पर्याप्त समय दिया गया। अंतिम मतदाता सूची सभी राजनीतिक दलों की दी जा चुकी है। मतदाता सूची में कोई गलती है तो अपील जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दायर कर सकता है। नामांकन के 10 दिन पहले तक सूची में नाम जुड़वा सकेंगे। बिहार चुनाव में 17 नए प्रयोग किये गए हैं। चुनाव आयोग के पास करीब 40 ऐप है।
चुनाव की एलान के साथ ही अभी से बिहार में आचार संहिता लागू हो गया
बिहार चुनाव में इस बार मुख्य लड़ाई एनडीए और महागठबंधन के बीच में है, लेकिन प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी बिहार की राजनीति में एक वैकल्पिक ताकत के रूप में स्थापित कर रही है। बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए अमूमन सितंबर अंत तक अधिसूचना जारी होती रही है। 2010 में 27 सितंबर को पहले चरण की अधिसूचना जारी हुई थी और अंतिम छठे चरण का मतदान 20 नवंबर को कराया गया था। 2015 में तो 16 सितंबर को पहले चरण की अधिसूचना जारी कर पांचवें और अंतिम चरण का मतदान 5 नवंबर को हुआ था। 2020 में पहले चरण की अधिसूचना 1 अक्टूबर को जारी हुई थी और तीसरे-अंतिम चरण का मतदान 7 नवंबर को हुआ था। बिहार में विधानसभा का चुनाव करीब 30-35 साल के दौरान पांच-छह चरणों में होता था। वर्ष 2010 का चुनाव छह, 2015 का पांच और 2020 का तीन चरणों में हुआ था।
बिहार के 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। राजनीतिक दलों ने छठ पर्व के बाद चुनाव कराने का आग्रह किया था ताकि मतदाताओं की अधिक भागीदारी हो सके। पिछला विधानसभा चुनाव कोविड-19 महामारी के दौरान तीन चरणों में हुआ था। जिसमें 56.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। पिछले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 125 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया, जबकि महागठबंधन ने 110 सीटें जीतीं। राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।
मतदान केंद्रों पर नयी व्यवस्था दिखेगी
पहली बार बिहार के सभी 90 हजार से अधिक बूथों से शत-प्रतिशत लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं को 15 दिन के अंदर नया मतदाता पहचान पत्र (ईपिक) पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बिहार में 1200 मतदाताओं पर एक बूथ का गठन किया गया है। अब यह पूरे देश में लागू किया जाएगा। मतदान के लिए इवीएम के बैलेट पेपर पर पहली बार प्रत्याशियों की फोटो रंगीन और सीरियल नंबर बड़े फांट में किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, SIR प्रक्रिया जून 2025 में शुरू हुई थी, जिसमें सभी 7.89 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को फॉर्म दोबारा भरने का निर्देश दिया गया था। ड्राफ्ट सूची 1 अगस्त को जारी की गई थी, जिसमें 7.24 करोड़ नाम थे और 65 लाख नाम (मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट) हटा दिए गए थे।
एनडीए में पांच दल हैं शामिल
बीजेपी, जद यू, जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा, उपेंद्र कुशवाहा की आर एल पी पार्टी, चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास )
महागठबंधन में कितने दल
इस गठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) और वामपंथी दल शामिल हैं, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन- सीपीआईएमएल (लिबरेशन) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआईएम) शामिल हैं, जिसके अध्यक्ष तेजस्वी यादव हैं।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पहली बार चुनाव मैदान में उतर रही है। जन सूरज पार्टी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

