बिहार चुनाव : नीतीश बीजेपी से नाराज ,तेजस्वी -राहुल में नहीं बन पा रही सहमति, आज दिल्ली में कांग्रेस CEC की फिर बैठक होगी

Bihar election 2025

दिल्ली : डॉ निशा सिंह

Bihar Assembly election 2025: बिहार विधान सभा चुनाव लड़ रही दोनों गठबंधन (एनडीए और महागठबंधन) में अभी सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है। सीट शेयरिंग फार्मूला की प्रारंभिक जानकारी आने के बाद बीजेपी से नीतीश कुमार नाराज हैं, तो इधर राहुल गाँधी से तेजस्वी नाराज है। बिहार विधान सभा चुनाव के लिए पहले चरण के वोटिंग के लिए नॉमिनेशन की अंतिम तारीख 17 अक्टूवर है। लेकिन अभी तक दोनों गठबंधन के कोई भी प्रत्याशी ने नॉमिनेशन नहीं किया है। वजह सीट शेयरिंग फार्मूला पर सहमति अभी तक नहीं बनना है। पहले फेज में 18 जिलों में इन 121 सीटों पर मतदान होने वाले हैं। पहले चरण में गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, खगड़िया, बेगुसराय, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर यानी 18 जिलों में वोटिंग होगी।

कल 13 अक्टूबर को दिल्ली में तेजस्वी यादव, इस मामले पर राहुल गाँधी से मिलने वाले थे, लेकिन ये मुलाकात नहीं हो सकी। तेजस्वी यादव बिना मिले ही पटना लौट गए। लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली की सीबीआई कोर्ट में हाजिर हुए थे। मुलाकात तो लालु यादव से भी होना था, लेकिन राहुल उपलब्ध नहीं हो सके। बिहार कांग्रेस के बड़े नेता दिल्ली में कैंप किये हुए हैं। महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर फंसे पेंच को ठीक करने के लिए आज कांग्रेस चुनाव समिति कि दिल्ली में दूसरी बार बैठक होने वाली है। दोपहर 2 बजे होने वाली बैठक में राहुल गाँधी, बिहार के प्रभारी समेत वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी अभी हिमाचल के दौरे पर हैं।

इसी बीच ये खबर सामने आ रही है कि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर पेंच के बीच कांग्रेस ने अपने 76 उम्मीदवार तय किये हैं।अब कांग्रेस सीट बंटवारे का इंतजार नहीं करेगी। जल्द ही अपने उम्मीदवार को टिकट देना शुरू करेगी। दरअसल कांग्रेस 70 सीटों कि मांग रही थी, जिसे तेजस्वी मान नहीं रहे हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस 70 पर लड़ी, लेकिन मात्र 19 पर जीत सकी। नतीजा राजद ज्यादा बड़ी पार्टी बनने के बाद भी तेजस्वी यादव की सरकार नहीं बन सकी। कांग्रेस अगर बिहार प्रदर्शन करती तो 2020 में महागठबंधन की सरकार बन जाती। तेजस्वी इसी को सामने रखकर कांग्रेस से 50 -55 सीटों पर चुनाव लड़ने को कह रही है। काँग्रेस 60-61 सीट पर अड़ी है, RJD 135 सीट के लिए अभी भी अड़ा है, लेकिन वोट अधिकार यात्रा के दौरान बिहार में जिस तरह राहुल गाँधी को समर्थन मिला, उससे बिहार के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरा है। कांग्रेस यही सन्देश देकर ज्यादा सीटें चाहती है।

इधर दिल्ली से पटना पहुंचे लालू यादव और तेजस्वी यादव राजद प्रत्याशी के नाम फाइनल करना शुरू कर दिया है। कई राजद नेता को सिम्बल भी दे दिए गए है। कई को फ़ोन कर दिया गया है। यानि महागठबंधन के सीट शेयरिंग फार्मूला के फाइनल नहीं होने के बाबजूद राजद ने अपने कैंडिडेट की एलान कर कांग्रेस को सन्देश दे दिया है कि वे अब रुकने वाले नहीं हैं। बिहार में कांग्रेस को राजद पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।

नीतीश कुमार नाराज : NDA के सीट शेयरिंग फॉर्मूला में होगा बदलाव

बिहार चुनाव के बीच सत्ताधारी गठबंधन दल NDA को लेकर बड़ी खबर है। चिराग पासवान की पार्टी को 29 सीटें देने से नीतीश कुमार बेहद ही नाराज हैं।
13 अक्टूवर की शाम को उन्होंने संजय झा, ललन सिंह समेत अन्य जदयू नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में ये खबर सामने निकल कर आ रही है कि चिराग को ज्यादा तरजीह देने से जदयू को नुकसान हो सकता है। इसलिए बीजेपी पर दबाब देकर इनकी (लोजपा रामविलास) सीटें कम किया जाय। नीतीश कुमार चाहते हैं कि वैसी सीटें चिराग को नहीं दी जाय, जिस पर जदयू का दावा बनता है।

नीतीश की नाराजगी की खबर को बीजेपी आलाकमान तक पहुँच दिया गया है। बीजेपी अब नए सीट शेयरिंग फार्मूला पर बातचीत शुरू कर दी है। यानि नीतीश, चिराग, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी से फिर से कोई नए फार्मूला पर सुलह करने की कोशिश कर रही है। दरसअल केंद्र में नीतीश कुमार के सहयोग से पीएम मोदी की सरकार अभी चल रही है। बिहार के कई वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि अगर कोई इधर-उधर मामला हुआ तो फिर केंद्र सरकार पर असर पर सकता है और बिहार में महागठबंधन का स्वरुप बदल सकता है। नीतीश कुमार के मन में क्या चल रहा है, ये कोई नहीं जानता है। कब पलटी मारेंगे, कब नहीं मारेंगें, लेकिन ये बात तय है कि इस बार भी नीतीश कुमार का जलवा देखने को मिलेगा।

इधर सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार की नाराजगी के बीच NDA के सीट शेयरिंग फॉर्मूला में बदलाव हो सकता है। BJP अपने कोटे से एक सीट जीतन राम मांझी को दे सकती है। ऐसा अगर हुआ तो इसके बाद BJP की सीटों की संख्या 100 हो जाएगी और पार्टी ‘छोटे भाई’ की भूमिका में आ जाएगी। बीजेपी के मुकाबले JDU एक सीट ज्यादा पर लड़ेगी। वहीं, चिराग पासवान की LJPR के कोटे से एक सीट उपेंद्र कुशवाहा को दी जा सकती है। जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा 6-6 सीट मिलने से नाखुश हैं।

बिहार में दो चरणों में चुनाव होंगे। 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी और 14 नवंबर को मतगणना होगी।

पहले फेज में 18 जिलों में इन 121 सीटों पर मतदान:

पहले चरण में गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, खगड़िया, बेगुसराय, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर यानी 18 जिलों में वोटिंग होगी।

दूसरे फेज में कुल 20 जिलों में इन 122 सीटों पर मतदान:

दूसरे फेज में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया,कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद,अरवल, रोहतास, कैमूर यानी कुल 20 जिलों में मतदान होगा।

Jetline

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