पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 : राजवंशी समुदाय और अनंत महाराज को दरकिनार करना बीजेपी को कर सकता है नुकसान !

Anant Maharaj in bengal

दिल्ली : किशोर के सिंह

Ananta Maharaj (Nagendra Roy), a prominent leader of the Rajbanshi community, was sent to the Rajya Sabha (Upper House) from West Bengal by the BJP in July 2023. He is a key political figure in North Bengal and was nominated to secure votes from the Rajbanshi community.

पश्चिम बंगाल विधानसभा के सभी 294 सदस्यों को चुनने के लिए अप्रैल-मई 2026 में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है।पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 में 2011 से लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रही क्या चौथी बार भी जीत हासिल कर पायेंगी ? बीजेपी क्या इस बार बंगाल में अपनी सरकार बना रही है? बंगाल में बांग्लादेश मुस्लिम वोटरों और बंगालियों के वोट के सहारे ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस इस बार भी बंगाल फतह करने में जुटी है। ममता बनर्जी की मुश्किलें नार्थ बंगाल में है। यहाँ पर तृलमूल कांग्रेस को हार मिलती है। इस क्षेत्र में अब ममता बनर्जी निर्णायक भूमिका रखने वाले राजवंशी समुदाय और उनके नेता अनंत महाराज को अपने पाले में लाने के कोशिश में जुटी हैं। इधर बीजेपी राजवंशी समुदाय के साथ-साथ बंगालियों को साथ लेकर चुनाव में जीत की रणनीति पर काम कर रही है। वर्तमान में राजवंशी समुदाय और उनके नेता अनंत महाराज (बीजेपी सांसद) बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। अनंत महाराज कहते हैं कि मुझे सभी दलों ने यूज़ किया है। अब बीजेपी भी यही कर रही है। राजवंशी समुदाय की उपेक्षा हो रही है। अनंत महाराज (Anant Maharaj)ने कहा कि राजवंशी समुदाय और अनंत महाराज को दरकिनार करना बीजेपी को नुकसान कर सकता है। बीजेपी नेतृत्व को ये बात समझनी पड़ेगी।

2011 से लगातार मुख्यमंत्री हैं ममता

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत के लिए 148 सीटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में 17वीं विधानसभा चल रही है। ममता बनर्जी ने 2011 के विधानसभा चुनावों में वाम मोर्चा (Left Front) के 34 साल के शासन को खत्म कर ऐतिहासिक जीत हासिल किया था और तब से लगातार (2016, 2021 में पुनः जीतकर) इस पद पर बनी हुई हैं।

जानिए – 2016 और 2021 विधानसभा चुनाव का रिजल्ट

पश्चिम बंगाल में 2016 और 2021 विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने बाजी मारी थी। विधानसभा चुनाव 2016 में तृणमूल कांग्रेस को 211 सीटें मिली थी। जबकि बीजेपी को मात्र 3 सीटें मिली। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 213 सीटें मिली, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली। यानि बीजेपी ने बंगाल में पकड़ मजबूत किया। अब इस बार 2026 में हो रहे विधान सभा चुनाव में बीजेपी पूरा दमखम लगा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की नजरें बंगाल फतह करने पर टिकी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा के सभी 294 सदस्यों को चुनने के लिए अप्रैल-मई 2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है।

2026 विधानसभा चुनाव में राजवंशी समुदाय होंगे निर्णायक

बंगाल विधान सभा की कुल 294 सीटें में नार्थ बंगाल में बीजेपी ने 2021 चुनाव में जबरदस्त बढ़त हासिल किया था। इस चुनाव में ग्रेटर कूचबिहार आंदोल करने वाले राजवंशी समुदाय ने बीजेपी के पक्ष में एकमुश्त वोट किया था। नतीजा बीजेपी 3 से 77 सीटें तक जा पहुंची थी। अबकी बार 2026 विधान सभा चुनाव में भी बीजेपी राजवंशी समुदाय को अपने पक्ष में रखना चाहती है, लेकिन वर्तमान स्थिति ये है कि राजवंशी समुदाय के बड़े नेता और ग्रेटर कूचबिहार आंदोलन के प्रमुख अनंत महाराज (बीजेपी सांसद) अभी बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। नाराजगी की वजह इस बार के चुनाव में उन्हें तरजीह नहीं देना है। अनंत महाराज ने कहा कि हमने बंगाल में बीजेपी को अर्श से फर्श तक पहुंचने में अपनी भूमिका निभाई है, लेकिन वर्तमान में पीएम मोदी और अमित शाह, बंगाल बीजेपी को हानि पहुँचाने वाले नेताओं के झूठे झाँसे में फंसे दिख रहे हैं। ये बीजेपी के लिए खतरनाक है। बीजेपी को अगर बंगाल फतह करना है तो, राजवंशी समुदाय को दरकिनार नहीं किया जा सकता। अनंत महाराज ने कहा कि राजवंशी समुदाय का नार्थ बंगाल के 50 सीटों पर प्रभाव है।

जानिए कौन हैं राजवंशी समुदाय के बड़े नेता अनंत महाराज
Anant Maharaj BJP’s Rajya Sabha:
वर्तमान में बीजेपी से राज्यसभा सांसद अनंत महाराज राजवंशी समुदाय से हैं और ग्रेटर कूचबिहार आंदोलन यानि बंगाल को बाँटने वाले आंदोलन करने के प्रमुख नेता हैं। अनंत महाराज एक प्रभावशाली राजवंशी नेता हैं। भाजपा के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज (नगेन्द्र राय) पश्चिम बंगाल से जुलाई 2023 में निर्विरोध चुने गए थे। नागेंद्र राय, आमतौर पर अनंत महाराज के नाम से भी जाना जाता है, ग्रेटर कूच बिहार डेमोक्रेटिक पार्टी से संबंधित एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। अनंत महाराज कूच बिहार के लिए राज्य का दर्जा देने के समर्थक हैं और अतीत में ममता बनर्जी की पार्टी ने उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश की थी। अब फिर से ममता, अनंत महाराज को अपने पक्ष में लेने की कोशिश कर रही है।

ममता बनर्जी ने भाजपा सांसद अनंत महाराज को ‘बंगबिभूषण’ से किया सम्मानित

ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सांसद अनंत महाराज को ‘बंगबिभूषण’ से सम्मानित किया। यह कदम राजवंशी समुदाय के वोटों को आकर्षित करने की राजनीतिक रणनीति मानी जा रही है। बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले शनिवार 21 फरवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा सियासी दांव चलते हुए भाजपा के राज्यसभा सदस्य व राजवंशी समुदाय के प्रमुख नेता अनंत महाराज को राज्य के सर्वोच्च सम्मान ‘बंगबिभूषण’ से सम्मानित किया। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर राज्य सरकार द्वारा शाम में कोलकाता के देशप्रिय पार्क में आयोजित समारोह में भाजपा सांसद ममता के साथ एक मंच पर व उनके बगल में बैठे दिखे। इस दौरान ममता ने अनंत महाराज सहित राज्य के नौ हस्तियों को बंगबिभूषण जबकि 16 लोगों को बंग भूषण सम्मान से सम्मानित किया। इस मौके पर अनंत महाराज ने इस सम्मान के लिए ममता का आभार जताते हुए राजबंशी समुदाय के अग्रणी नेता रहे चिला राय की लिखी एक कविता भी सुनाई।

नाराज अनंत महाराज(नगेन्द्र राय) क्या बीजेपी को करेंगे गुड बाय

बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले क्या अनंत महाराज, बीजेपी को गुड बाय करेंगे ? इस बात के संकेत ममता के साथ एक कार्यक्रम में मंच साझा करने के बाद कयास लग रहे हैं। कोलकाता के देशप्रिय पार्क में आयोजित समारोह में आयोजित समारोह में बीजेपी संसद अनंत महाराज ने भाजपा व केंद्र सरकार को टारगगेट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उत्तर बंगाल और राजवंशी समुदाय के लिए कोई काम नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी बंगाल को लगातार वंचित कर रही है। इसकी कोई सीमा नहीं है। आपको बता दें कि अनंत महाराज जिस राजवंशी समुदाय से आते हैं, उसका उत्तर बंगाल के कई जिलों में बड़ा जनाधार है। यह बंगाल में सबसे बड़ा अनुसूचित जाति समुदाय है। अनंत महाराज कई वर्षों से अलग ग्रेटर कूचबिहार राज्य की मांग भी करते रहे हैं। बता दें कि ममता पहले भी अनंत महाराज की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा चुकी थीं। पिछले साल लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद ममता ने उत्तर बंगाल के अपने पहले दौरे में कूचबिहार में अनंत महाराज के घर गई थीं। महाराज पिछले कुछ समय से भाजपा से दूरी बनाकर चल रहे थे। हाल में उन्होंने एसआइआर पर भी आपत्ति जताई थी।

अनंत महाराज -नारायनी सेना और राजवंशी समुदाय का प्रभाव

उत्तर बंगाल यानि कूच बिहार में अनंत महाराज- नारायनी सेना और राजवंशी समुदाय का प्रभाव है। बीजेपी ने इसलिए 2023 में अनंत महाराज को राज्यसभा से सांसद बनाया है। अनंत महाराज की लाखों फॉलोवर्स हैं। इनकी नारायनी सेना पीले रंग का झंडा इस्तेमाल करती है, जो राजवंशी समुदाय का है और जिसके नेता महराज अनंत राय यानि अनंत महाराज हैं और ममता बनर्जी इनको कूच विहार में घुसने भी नहीं देती है। यही वजह है बंगाल में अनंत महाराज पर कई मुकदमे दर्ज हैं। यही कारण है कि राजवंशी समुदाय बंगाल चुनाव अभी तक में बीजेपी के पक्ष में खड़ा रहा है।

अमित शाह ने राजवंशी समुदाय के लिए किया कई वादे

पिछले दिनों असम दौरे पर गए गृह मंत्री अमित शाह ने राजवंशी समुदाय के नेता और बीजेपी सांसद अनंत महाराज से लंबी मुलाकात की थी। ये मुलाकात इसलिए खास है, क्योंकि पश्चिम बंगाल के कई जिलों में खास तौर पर उत्तर बंगाल के इलाके में राजवंशी समुदाय का अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है। विधानसभा की बात करें तो राजवंशी समुदाय के मतदाता बंगाल की 50 सीटों पर उलटफेर करने की क्षमता रखते हैं। राजवंशी समुदाय की इस शक्ति को देखते हुए अमित शाह ने वादा किया है। चुनावी रैली में अमित शाह ने एलान किया कि राजवंशी समुदाय के लिए सांस्कृतिक केंद्र बनाया जाएगा और इसके लिए 500 करोड़ रूपये की सहायता भी दी जाएगी।

Jetline

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