शिकागो विश्वविद्यालय की रिपोर्ट: दिल्ली में वायु प्रदूषण से लोगों की आयु 8.2 वर्ष घट जाएगी

Air pollution in Delhi will reduce the life

शार्प वे न्यूज़ नेटवर्क

Delhi Air Pollution: दिल्ली की जहरीली हवा दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है। शिकागो विश्वविद्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर प्रदूषण इसी तरह बना रहा तो दिल्लीवालों की औसत उम्र 8.2 साल घट सकती है.वायु प्रदूषण का यही स्तर रहा तो लोगों की औसत आयु 8.2 वर्ष घट जाएगी।

दिल्ली की जहरीली हवा अब सिर्फ सांस लेने में दिक्कत ही नहीं कर रही, बल्कि लोगों की उम्र भी कम कर रही है. शिकागो विश्वविद्यालय की ताजा एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, अगर मौजूदा स्तर का प्रदूषण जारी रहा तो राजधानी के लोगों की औसत उम्र करीब 8.2 साल कम हो सकती है. शिकागो विश्वविद्यालय की 2025 की वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (AQLI) रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण लोगों की औसत आयु में 8.2 वर्ष की कमी आ सकती है, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में पीएम 2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देश से 22 गुना अधिक है, और यह रिपोर्ट वैश्विक और क्षेत्रीय प्रदूषण के स्तर और मानव स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव का आकलन करती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली आज भी दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है. यहां 2023 में PM2.5 का स्तर 111.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया. यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तय सीमा 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब 22 गुना ज्यादा है. मतलब साफ है कि दिल्ली की हवा सांस लेने लायक नहीं रही. रिपोर्ट के अनुसार गया है कि पूरा इंडो-गैंगेटिक प्लेन जिसमें दिल्ली भी आता है, दुनिया का सबसे प्रदूषित इलाका है. यही इलाका वायु प्रदूषण से जुड़ी सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का केंद्र बन चुका है. यहां करोड़ों लोग जहरीली हवा में जीने को मजबूर हैं.

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि औसत उम्र में गिरावट के मामले में दिल्ली के लोग दुनिया में सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहे हैं. जहरीली हवा उनके जीवन से सीधे साल काट रही है.

Jetline

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