दिल्ली: डॉ. निशा सिंह
Ram Setu : केंद्र सरकार ने कहा है कि राम सेतु टूटेगा नहीं, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्मारक बनाने की प्रक्रिया चल रही है. केन्द्र सरकार ने ये बातें सुप्रीम कोर्ट में राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में मान्यता देने की मांग वाली सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान कही.
आपको बता दें कि राम सेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना रूख बताने के लिए चार हफ्ते का समय दिया था, जिसपर केन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि राम सेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया अभी संस्कृति मंत्रालय में चल रही है.
सुप्रीम कोर्ट में दो न्यायाधीशों की पीठ इस मामले पर फैसला देगी. बता दें कि तीन न्यायाधीशों के संयोजन में बैठी पीठ ने कहा कि न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे, क्योंकि वह पहले इस मामले में एक वकील के रूप में पेश हुए थे. इस तरह से दो न्यायाधीशों, मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति परदीवाला द्वारा आदेश पारित किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी को कहा है कि वो चाहे तो केन्द्र से मिल सकते हैं और जांच कर सकते हैं.
राम सेतु मामले में पहला दौर जीत चुके हैं : सुब्रमण्यम स्वामी
इस मामले में याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि वह मुकदमे का पहला दौर जीत चुके हैं, जिसमें केंद्र सरकार ने राम सेतु के अस्तित्व को स्वीकार किया. बता दें कि स्वामी ने विवादास्पद सेतुसमुद्रम पोत मार्ग परियोजना के खिलाफ अपनी जनहित याचिका में रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का मुद्दा उठाया था. इसके बाद यह मामला शीर्ष अदालत पहुंच गया और परियोजना के लिए काम रोक दिया गया था. इसके बाद केन्द्र ने कहा था कि वो राम सेतु को बिना नुकसान पहुंचाए दूसरा मार्ग खोजना चाहती है. इसके बाद कोर्ट ने सरकार से नया हलफनामा दाखिल करने को कहा.
सेतुसमुद्रम शिपिंग चैनल परियोजना पर विवाद
सेतुसमुद्रम शिपिंग चैनल परियोजना को लेकर कुछ राजनीतिक दल, पर्यावरणविद और कुछ हिंदू धार्मिक समूह विरोध कर रहे हैं. राम सेतु, जिसे आदम के पुल के रूप में भी जाना जाता है, तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट से पंबन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट से दूर मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की एक श्रृंखला है, इसको नुकसान पहुंचने के विचार से विरोध किया जा रहा है, हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि सेतुसमुद्रम शिपिंग चैनल परियोजना से राम सेतु को कोई नुकसान नहीं होगा और सेतुसमुद्रम शिपिंग चैनल परियोजना का रास्ता बदल दिया जा सकता है.


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