न्यूज डेस्क
अजमेर में भारतीय रेल का आज से एक नया अध्याय शुरू हुआ है. विश्व की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन अब भारतीय ट्रैक पर दौड़नी शुरु हो चुकी है. वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के मदार रेवाड़ी खंड के 306 किलोमीटर के सफर का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज कर दिया है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन द्वारा चलने वाली 1.5 किलोमीटर लंबी डबल लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस रेल का संचालन अजमेर के न्यू किशनगढ़ रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ है. हरियाणा के न्यू अटेली से राजस्थान के न्यू किशनगढ़ के लिए चलनेवाली यह पहली डबट स्टेट कंटेनर मालगाड़ी है. इस मौके पर सांसद भगीरथ चौधरी, सुमेदानंद सरस्वती, एमएलए वासुदेव देवनानी, अनीता भदेल, सुरेश टाक, शंकर सिंह रावत भी मौजूद थे.
इस अवसर पर पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि नए साल में जब देश का आगाज अच्छा है तो आने वाला समय और भी शानदार होना तय है. इतने शिलान्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत ने यह सब कोरोना संकट के काल में किया है. देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए चल रहे महायज्ञ ने आज एक नई उंचाई हासिल कर ली है. इससे पहले बीते दिनों आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए गए हैं. न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ तक 1.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ियों की शुरुआत के साथ भारत दुनिया के गिने चुने देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है. पीएम ने कहा कि यह ट्रेन गेम चेंजर साबित होगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ही दिन पहले भारत ने कोरोना की दो मेड इन इंडिया वैक्सीन की भी स्वीकृत दी है. भारत की अपनी वैक्सीन ने देशवासियों में नया आत्मविश्वास पैदा किया है. पीएम ने कहा कि आज हर भारतीय का आह्वान है कि न हम रुकेंगे, न हम थकेंगे, हम सब भारतीय मिलकर और तेजी से आगे बढ़ेंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि जब रेलवे की बात आए और पटरियों की चर्चा न हो, ऐसा संभव नहीं है. आज भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर का काम दो पटरियों पर एक साथ चल रहा है. एक तरफ की पटरी व्यक्तियों के विकास को आगे बढ़ा रही है, दूसरी तरफ की पटरी से देश के ग्रोथ को नई ऊर्जा मिल रही है. आज का दिन एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों के लिए नए अवसर लेकर आया है. ईस्टर्न हो या वेस्टर्न किसी भी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर सिर्फ मालगाड़ियों के लिए आधुनिक रुट नहीं हैं, बल्कि ये देश के तेज विकास के कॉरिडोर हैं.


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