जनगणना 2027: 40 सवालों में दर्ज होगी, जाति भी बताना होगा

India's 16th decennial census (Census 2027)

दिल्ली : शार्प वे न्यूज़ नेटवर्क

India’s 16th decennial census (Census 2027) is underway as the nation’s first fully digital census.

भारत की जनगणना 2027 प्रक्रिया के तहत घरों की सूची और शुरुआती चरण का काम 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है, जबकि इसका दूसरा चरण 17 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है। पहाड़ी व बर्फबारी वाले क्षेत्रों लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बर्फीले/पहाड़ी क्षेत्रों में मुख्य गणना सितंबर 2026 से शुरू होगी और देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी। यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है।

https://censusindia.gov.in/census.website/en

जनगणना 2027 के दौरान आपसे क्या सवाल पूछे जाएंगे ? इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 40 सवालों की फेहरिस्त जारी की है।

स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने उन 40 सवालों की सूची जारी कर दी है, जिन्हें जनगणना के दौरान पूछा जाएगा। पहली बार आपको जाति से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। 40 में से दो सवाल जाति से ही जुड़े हैं। सबसे ज्यादा आठ सवाल आपके रोजगार और कामकाज के बारे में हैं। जनगणना के सवालों में व्यक्ति की पहचान, परिवार, शिक्षा, रोजगार, प्रवास, महिलाओं की स्थिति, वित्तीय पहुंच और डिजिटल पहचान तक की जानकारी पूछी जाएगी। कौन हैं आप, क्या करते हैं, कहां से आए, क्यों आए और आपके पास कौन-कौन से दस्तावेज हैं, इस तरह के सवालों के जरिए आपकी जिंदगी पूरी तस्वीर जानने की कोशिश होगी।

जनगणना किसी व्यक्ति की ‘पहचान से डिजिटल पहचान’ तक पहुंचती दिखाई देती है। साक्षरता के अलावा डिजिटल साक्षरता के बारे में भी सवाल पूछा जाएगा। कुल छह सवाल ऐसे होंगे, जो नागरिकों की डिजिटल-वित्तीय पहचान से जुड़े होंगे। जैसे- कुल बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर ID नंबर, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता। महिलाओं के लिए खास तौर पर सवाल नंबर 31, 32 और 33 हैं। इनमें यह पूछा जाएगा कि अभी कितने बच्चे जीवित हैं? जीवन में कुल कितने बच्चे पैदा हुए? पिछले एक साल में कितने बच्चे पैदा हुए?

जनगणना सिर्फ यह नहीं बताएगी कि लोग कहां रह रहे हैं, बल्कि यह भी समझने में मदद कर करेगी है कि देश के लोग क्यों एक जगह से दूसरी जगह गए। कुल पांच सवाल यानी प्रश्न 26 से 30 के बीच जन्मस्थान, पिछला निवास, प्रवास का कारण, मौजूदा जगह पर रहने की अवधि, स्थायी पते से जुड़ी जानकारी पूछी जाएगी। इसी के साथ आपने शादी कितनी उम्र में की? पिछले साल आपने काम किया था या नहीं? कोविड-19 का टीका कहां लगावाया था, इस तरह के सवाल भी पूछे जाएंगे। महामारी के पांच-छह साल बाद भी इसे जनगणना जैसे स्थायी राष्ट्रीय दस्तावेज में शामिल करना बताता है कि सरकार कोविड टीकाकरण डेटा को दीर्घकालिक रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना चाहती है।

10वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद से 8वीं जनगणना होगी

भारतीय गणराज्य की पहली जनगणना 10 फरवरी, 1951 को शुरू हुई।
भारत में 1872 से नियमित रूप से दस-वर्षीय जनसंख्या जनगणना आयोजित करने की एक लंबी परंपरा रही है। सबसे हालिया जनगणना 2011 में आयोजित की गई थी, जबकि 2021 में निर्धारित जनगणना को कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण स्थगित कर दिया गया था। जनगणना 2027, 1872 से निरंतर श्रृंखला में 10वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद से 8वीं जनगणना होगी, जो डेटा-आधारित शासन और समावेशी विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत में जनसंख्या जनगणना आयोजित करने की मंशा को केंद्र सरकार द्वारा 18 जून 2026 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया था।

जनगणना के चरण:

चरण 1: मकानों की सूची और आवास जनगणना (राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा चुने गए अनुसार अप्रैल-सितंबर 2026 के बीच 30 दिनों की निरंतर अवधि में आयोजित की जाएगी) आवास की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित आंकड़ों का स्रोत

चरण 2: जनसंख्या गणना (फरवरी 2027 में पूरे भारत में आयोजित की जाएगी। लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के हिमपातग्रस्त क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के लिए सितंबर 2028 में आयोजित की जाएगी) जनसांख्यिकीय विशेषताओं, साक्षरता, श्रमिक प्रवासन और प्रजनन दर से संबंधित आंकड़ों का स्रोत

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